विवाह पूजा हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है, जो वर-वधू के पवित्र वैवाहिक बंधन को मंगलमय बनाने हेतु किया जाता है। इस पूजा का उद्देश्य दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास, समर्पण और सामंजस्य की स्थापना करना होता है। वैदिक मंत्रों और अग्नि को साक्षी मानकर किए गए विवाह संस्कार से जीवनभर के लिए शुभ संकल्प लिया जाता है।

विवाह पूजा में गणेश पूजन, नवग्रह शांति, देव पूजन, हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चार किया जाता है। यह पूजा विवाह से पूर्व, विवाह के दिन या विशेष परंपराओं के अनुसार सम्पन्न की जाती है। श्रद्धा एवं विधि-विधान से की गई विवाह पूजा से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।

🕉️ पूजा विधि

• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• नवग्रह एवं कुल देवता पूजन
• विवाह हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चार
• सप्तपदी एवं मंगल संकल्प
• पूर्णाहुति, आरती एवं आशीर्वाद

⏰ समय

⏱️ लगभग 3 से 4 घंटे (रीति-रिवाजों के अनुसार)

🔑 विवाह पूजा के लाभ

  • वैवाहिक जीवन में सुख, शांति एवं स्थिरता
  • दांपत्य जीवन में प्रेम और आपसी समझ
  • ग्रह दोष एवं वैवाहिक बाधाओं से मुक्ति
  • परिवार में मंगल एवं समृद्धि
  • वैदिक परंपरा अनुसार शुभ आरंभ