महा मृत्युंजय जाप भगवान शिव के अत्यंत शक्तिशाली महामंत्र का निरंतर जप है, जिसे “त्र्यम्बकं यजामहे” मंत्र के नाम से जाना जाता है। यह जाप विशेष रूप से गंभीर रोग, दुर्घटना भय, अकाल मृत्यु के योग, मानसिक तनाव एवं ग्रह बाधाओं से मुक्ति हेतु किया जाता है। शास्त्रों में इसे जीवन रक्षक एवं संजीवनी मंत्र कहा गया है।
महा मृत्युंजय जाप से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक को स्वास्थ्य, दीर्घायु, मानसिक शांति तथा आत्मबल प्रदान करते हैं। यह जाप रुद्राभिषेक, हवन एवं विशेष अनुष्ठानों के साथ या स्वतंत्र रूप से भी किया जा सकता है। श्रद्धा, नियम और सही विधि से किया गया महा मृत्युंजय जाप जीवन में सुरक्षा कवच का कार्य करता है और नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है।
🕉️ पूजा विधि
• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• भगवान शिव का आवाहन
• महा मृत्युंजय मंत्र का निर्धारित संख्या में जाप
• हवन (आवश्यकतानुसार)
• आरती एवं प्रसाद वितरण
⏰ समय
⏱️ लगभग 1.5 से 3 घंटे
(जाप संख्या एवं हवन के अनुसार)
🔑 महा मृत्युंजय जाप के लाभ
- गंभीर रोग एवं भय से मुक्ति
- दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
- ग्रह दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा का निवारण
- मानसिक शांति एवं आत्मबल में वृद्धि
- भगवान शिव की विशेष कृपा एवं संरक्षण
