रुद्राभिषेक भगवान शिव की आराधना का अत्यंत प्रभावशाली और पावन वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा में रुद्र स्वरूप शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि से अभिषेक किया जाता है और वैदिक रुद्र मंत्रों का पाठ किया जाता है। यह पूजा जीवन में चल रही परेशानियों, रोग, भय, ग्रह दोष और मानसिक अशांति से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है।
रुद्राभिषेक से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को स्वास्थ्य, शक्ति, समृद्धि एवं आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। यह पूजा विशेष रूप से महामृत्युंजय जप, सावन मास, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि या किसी भी संकट काल में अत्यंत फलदायी मानी जाती है। श्रद्धा और विधिपूर्वक किया गया रुद्राभिषेक सभी प्रकार के कष्टों का नाश करता है।
🕉️ पूजा विधि
• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• भगवान शिव का आवाहन
• जल, दूध, दही, घी, शहद एवं गंगाजल से रुद्राभिषेक
• वैदिक रुद्र मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र जप
• आरती एवं प्रसाद वितरण
⏰ समय
⏱️ लगभग 1.5 से 2 घंटे
🔑 रुद्राभिषेक के लाभ
- रोग, भय एवं मानसिक अशांति से मुक्ति
- ग्रह दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा का निवारण
- स्वास्थ्य, आयु एवं शक्ति में वृद्धि
- मनोकामना पूर्ति एवं आत्मिक शांति
- भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्ति
