सगाई पूजा वैवाहिक जीवन के शुभ आरंभ की पहली महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रिया मानी जाती है। यह पूजा वर और वधू के रिश्ते को आध्यात्मिक रूप से पवित्र एवं मजबूत बनाने के लिए की जाती है। सगाई के अवसर पर की गई यह पूजा भावी दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सामंजस्य की स्थापना करती है।

सगाई पूजा में भगवान गणेश, कुल देवता एवं नवग्रहों का पूजन किया जाता है, जिससे वैवाहिक जीवन में आने वाली संभावित बाधाओं का निवारण हो सके। वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन के साथ सम्पन्न यह पूजा परिवारों के बीच सौहार्द, शुभता और मंगलकामना को सुदृढ़ करती है। श्रद्धा और विधिपूर्वक की गई सगाई पूजा से संबंधों में स्थिरता और सुख की प्राप्ति होती है।

🕉️ पूजा विधि

• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• कुल देवता एवं नवग्रह पूजन
• सगाई हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चार
• मंगल संकल्प एवं आशीर्वाद
• आरती एवं प्रसाद वितरण

⏰ समय

⏱️ लगभग 1.5 से 2 घंटे

🔑 सगाई पूजा के लाभ

  • भावी वैवाहिक जीवन में शुभता एवं स्थिरता
  • आपसी प्रेम, विश्वास और सामंजस्य में वृद्धि
  • वैवाहिक बाधाओं एवं दोषों से मुक्ति
  • परिवारों के बीच सौहार्द एवं मंगल
  • सकारात्मक ऊर्जा और शुभ आरंभ