नवग्रह शांति पूजा वैदिक ज्योतिष पर आधारित एक अत्यंत प्रभावशाली धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु—इन नौ ग्रहों की शांति के लिए विधिवत पूजा की जाती है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष, अशुभ दशा-महादशा, साढ़ेसाती, ढैय्या, राहु-केतु दोष या अन्य नकारात्मक ग्रह योग होते हैं, तब नवग्रह शांति पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
इस पूजा के माध्यम से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत कर उनके शुभ प्रभाव को सक्रिय किया जाता है। मंत्रोच्चार, हवन और विशेष आहुतियों द्वारा जीवन में संतुलन, सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता लाई जाती है। नवग्रह शांति पूजा से स्वास्थ्य, करियर, धन, विवाह और मानसिक शांति में सुधार होता है।
यह पूजा जन्मकुंडली के अनुसार या सामान्य रूप से भी कराई जा सकती है। श्रद्धा एवं विधि-विधान से सम्पन्न नवग्रह शांति पूजा से जीवन की बाधाएँ दूर होकर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
🕉️ पूजा विधि
• गणेश पूजन एवं संकल्प
• कलश स्थापना
• नवग्रह आवाहन एवं पूजन
• ग्रह बीज मंत्र एवं वैदिक मंत्र जप
• नवग्रह शांति हवन
• पूर्णाहुति, आरती एवं प्रसाद वितरण
⏰ समय
⏱️ लगभग 2.5 से 3 घंटे
🔑 नवग्रह शांति पूजा के लाभ
- ग्रह दोष एवं अशुभ प्रभावों से मुक्ति
- साढ़ेसाती, ढैय्या एवं राहु-केतु दोष शांति
- स्वास्थ्य, धन और करियर में सुधार
- विवाह एवं पारिवारिक जीवन में सुख-शांति
- मानसिक तनाव और बाधाओं से राहत
