पितृ शांति पूजा हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है, जो पितरों (पूर्वजों) की आत्मा की शांति, तृप्ति एवं आशीर्वाद प्राप्ति के लिए किया जाता है। जब कुंडली में पितृ दोष होता है या जीवन में बार-बार बाधाएँ, आर्थिक समस्याएँ, संतान संबंधी कष्ट, स्वास्थ्य परेशानी या मानसिक अशांति बनी रहती है, तब पितृ शांति पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

इस पूजा के माध्यम से पितरों को तर्पण, पिंडदान, हवन एवं दान अर्पित कर उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई पितृ शांति पूजा से पितृ दोष का निवारण होता है और परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं संतुलन स्थापित होता है। यह पूजा विशेष रूप से पितृ पक्ष, अमावस्या या योग्य ज्योतिषीय सलाह के अनुसार कराई जाती है।

🕉️ पूजा विधि

• संकल्प एवं शुद्धिकरण
• कलश स्थापना
• पितरों का आवाहन एवं तर्पण
• पिंडदान एवं वैदिक मंत्रोच्चार
• पितृ शांति हवन
• ब्राह्मण भोजन, दान एवं आशीर्वाद

⏰ समय

⏱️ लगभग 2.5 से 3 घंटे

🔑 पितृ शांति पूजा के लाभ

  • पितृ दोष का प्रभावी निवारण
  • पितरों की आत्मा को शांति एवं तृप्ति
  • परिवार में सुख-शांति और समृद्धि
  • संतान, स्वास्थ्य एवं आर्थिक बाधाओं से राहत
  • पितरों का आशीर्वाद एवं संरक्षण