
आपके साथ भी, जीवन के बाद भी
कुछ लोग जीवन में ऐसे मोड़ पर होते हैं, जहाँ अपनों का साथ छूट जाता है, या वंश में कोई नहीं होता। ऐसे में, उनकी अंतिम यात्रा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
“ओम संकल्प” ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे ही व्यक्तियों को सम्मानजनक अंतिम विदाई देना है, जो इस दुनिया में अकेले हैं, जिनके अपने रिश्तेदारों ने उन्हें छोड़ दिया है, या जो अपनी मृत्यु के बाद भी किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।
“ओम संकल्प” ट्रस्ट ऐसे व्यक्तियों के लिए संकल्प लेता है कि उनकी अंतिम यात्रा पूर्ण धार्मिक विधियों और सम्मान के साथ संपन्न हो।
➤ ऐसे लोग जिनका कोई परिवार नहीं है या जो अकेले जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
➤ वृद्धाश्रम या अस्पतालों में भर्ती लोग जिनकी मृत्यु के बाद कोई दावा करने वाला नहीं होता।
➤ मानसिक रूप से अस्वस्थ या लावारिस मिले लोग जिनकी पहचान अज्ञात रहती है।
➤ अब आप अकेले नहीं, ओम संकल्प है आपके साथ।
➤ पारिवारिक विवाद या रिश्तों की कड़वाहट के कारण जिनका परिवार अंतिम संस्कार करने से इनकार कर देता है।
➤ वृद्ध माता-पिता जिन्हें उनके बच्चों ने छोड़ दिया है और मृत्यु के बाद भी कोई देखने वाला नहीं होता।
➤ ऐसे व्यक्ति जिनकी मृत्यु विदेश में हुई हो और उनके परिजन अंतिम क्रियाएँ पूरी करने में असमर्थ हों।
➤ ओम संकल्प संस्था भी आपका परिवार है।
➤ जो लोग चाहते हैं कि उनकी अंतिम यात्रा उनकी इच्छानुसार संपन्न हो।
➤ वे व्यक्ति जो किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते और पहले से जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं।
➤ बीमार या वृद्ध लोग जो अपने बाद गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार सुनिश्चित करना चाहते हैं।
➤ ओम संकल्प आपके अंतिम सफर में भी आपके साथ।
➤ सड़क पर रहने वाले लोग, जिनका कोई सहारा नहीं है।
➤ अनाथालयों या वृद्धाश्रमों में रह रहे लोग जिनका परिवार संपर्क में नहीं है।
➤ असहाय महिलाएँ, विधवाएँ या त्यक्त लोग जिन्हें समाज ने अलग कर दिया हो।
➤ बेसहारों का सहारा बनना ही हमारा उद्देश्य है।
➤ अस्पतालों या पुलिस द्वारा अधिग्रहित लावारिस शव जिनके परिजनों का पता नहीं चलता।
➤ सड़क दुर्घटनाओं या अन्य अप्रत्याशित कारणों से हुई मृत्यु जिनमें कोई दावेदार नहीं होता।
➤ ट्रेन, बस या सार्वजनिक स्थलों पर मृत पाए गए लोग जिनकी पहचान अज्ञात रहती है।
➤ मृत व्यक्ति की सम्मानजनक विदाई हमारा संकल्प है।
“हम मानते हैं कि मृत्यु केवल एक शारीरिक यात्रा का अंत नहीं, बल्कि आत्मा की नई यात्रा की शुरुआत होती है। हर व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम संस्कार और मोक्ष प्राप्त करने का अधिकार है। हमारा संकल्प है कि कोई भी मृत व्यक्ति लावारिस न रहे और उसकी अंतिम यात्रा गरिमामय तरीके से पूरी हो।”
प्रेतकल्प – अध्याय 10, श्लोक 26-27
अध्याय 5, श्लोक 92
अनुशासन पर्व, अध्याय 88
अध्याय 1, श्लोक 217
श्लोक 4.5.15-16